सात दिवसीय विशेष शिविर में योग और स्वास्थ्य विषय पर परिचर्चा और कार्यक्रम

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भदोही : विशेष शिविर में योग और स्वास्थ्य विषय पर परिचर्चा और कार्यक्रम आयोजित किए गए. शिविर में मुख्य वक्ता के रूप में प्राणी विज्ञानी डॉ. रुस्तम अली और डॉ. आशुतोष कुमार श्रीवास्तव उपस्थित रहे।

प्राचार्य प्रो. डॉ. मुरलीधर राम ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भगत सिंह को नमन करते हुए छात्रों को योग का पाठ पढ़ाया. वायु प्राणायाम, उज्जाई प्राणायाम, भ्रामरी घबराहट दूर करने याददाश्त बढ़ाने के लिए अवश्य करना चाहिए. उन्होंने बताया कि योग के माध्यम से बड़ी से बड़ी बीमारियों को दूर रखा जा सकता है और कुछ बीमारियों का सफलतापूर्वक इलाज भी किया जा सकता है. करे योग, रहे निरोग, के नारे को फलीभूत करने का आह्वान किया. योग के विभिन्न आसनों मंडूकासन, वज्रासन शवासन, उष्ट्रासन, पद्मासन आदि के महत्व के बारे में बताया. मंडूकासन डायबिटीज रोग में लाभदायक है. पेट साफ रखने के लिए वज्रासन करना चाहिए।

योग विशेषज्ञ योगीराज ने योग के विभिन्न आसनों का डेमो कर छात्रों को योग का अभ्यास कराया. मास्क लगाने, कोरोना से बचने के लिए सभी नियमों का कड़ाई से पालन करने और साफ सफाई रखने का आह्वान किया. डॉ. रुस्तम अली ने स्वास्थ्य के लिए शारीरिक श्रम करने के साथ पौष्टिक भोजन करने पर बल दिया. पौष्टिक भोजन में मात्रा के बजाय खाद्य पदार्थों की विविधता पर जोर दिया जाता है. मौसम के अनुसार उपलब्ध सभी फलों, सब्जियों, गुड, आदि का सेवन अवश्य करना चाहिए और तली भूनी चीजों से बचना चाहिए।

डॉ आशुतोष कुमार श्रीवास्तव ने भगत सिंह के स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन में अतुलनीय योगदान को याद किया और श्रद्धांजलि दी. उन्होंने बताया कि भगत सिंह उम्र में कम थे लेकिन मानसिक दृढ़ता उनके अंदर पत्थर से भी अधिक कठोर थी. इसी दृढ़ता की वजह से अंग्रेजी शासन के नियम हिल गई हमें भी उन्हीं की तरह मानसिक रूप से स्वस्थ और मजबूत बनना होगा, तभी हमारा समाज और हमारा व्यक्तित्व विकसित हो पाएगा. कार्यक्रम का संचालन स्वयंसेवक रमन मौर्य और धन्यवाद ज्ञापन शालिनी जायसवाल ने दिया।

कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अनीश कुमार मिश्र और श्री बृजेश कुमार के नेतृत्व में छात्रों ने जन जागरूकता रैली निकाली और श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश जान्हवी राय, जया राय, सूर्य प्रताप चौहान, कोमल गुप्ता, रोशन दिवस धीवर, काजल, पूनम, श्रेया, श्रद्धा, गणेश, विकास, दिव्यांशु, सनी आदि स्वयंसेवकों ने गायन, भाषण और शायरी प्रस्तुत की और भगत सिंह और उनके कामों को याद किया।

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