तकनीकी खेल किसानों के साथ छल _ कृषि विभाग की साइट चली ही नहीं और लक्ष्य पूरा हो गया

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आज उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के लघु सीमांत कृषक ओ को महिला कृषकों को कृषि यंत्र 50% अनुदान पर उपलब्ध कराने हेतु कृषि विभाग की साइट पर आज दिनांक 24 अगस्त 2021 की अपराहन 3:00 बजे से पंजीकरण कराने हेतु व्यवस्था दी गई थी निर्देश प्रसारित किए गए थे किंतु बड़े दुख के साथ अवगत कराना है किताब आम गरीब किसान अपना मोबाइल लिए 3:00 बजे से साइट खोलने पर जुट गए ताकि वह अपने जरूरत के यंत्र का पंजीकरण करा सकें और उन्हें अनुदान पर वह यंत्र मिल सके मगर लाख प्रयास करने के बाद उस साइड ही नहीं खुली और 4:00 बजे जब किसानों मैं चर्चा के द्वारा पता चला की लक्ष्य पूरा हो गया है यह कैसा खेल है किसानों के साथ तकनीकी छल है हम उत्तर प्रदेश के दयालु विद्वान सर्वज्ञ लोकप्रिय मुख्यमंत्री से की अनुरोध करेंगे कि वह इस किसानों के साथ हुए छल आवे का उचित तकनीकी जांच करा कर किसानों के साथ न्याय करें दोषियों को सजा दे और ऐसी सरल व्यवस्था दें की छोटे किसान भी इमानदारी से इस व्यवस्था से लाभ ले सकेहम सुझाव देना चाहते हैं कि जब उत्तर प्रदेश की सरकार भारत सरकार इमानदारी से किसानों को लघु सीमांत किसानों को यंत्रों पर अनुदान का लाभ देना चाहती है तो ऐसी व्यवस्था क्यों नहीं करती कि गांव का सीधा साधा किसान जब उसको जरूरत हो वह यंत्र खरीद कर कृषि विभाग में अपना बिल और आवेदन पत्र लगावे कृषि विभाग के अधिकारी उसका भौतिक सत्यापन करने के बाद 30 दिन के अंदर अनुदान का पैसा उस किसान के खाते में डीबीटी के माध्यम से दे दे यदि ऐसी व्यवस्था हो जाएगी यह कंप्यूटर के पंजीकरण का खेल खत्म हो जाएगा तो सच में गांव का सीधा साधा किसान सरकार द्वारा प्रदाय किए जा रहे अनुदान का लाभ प्राप्त कर सकेगा हां यह भी हो सकता है कि किसान इस साइट पर अपनी मर्जी से चाहे जब अपनी डिमांड दे और सरकार उस डिमांड के मुताबिक संबंधित जनपद के कृषि विभाग गन्ना विभाग या उद्यान विभाग को लक्ष्यों में इन यंत्रों को जोड़ते हुए उस किसान को यह सूचित कर दें कि वह संबंधित विभाग में संपर्क कर अनुदान पर यंत्र प्राप्त कर लें। एडिटर राजकुमार सिंह चौहान

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